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Saturday, 21 March 2009

इक्कीसवीं शताब्दि में हिंदी पत्रकारिता के सवाल!!


क्या आप सास और बहू के क़िस्से छापते हैं? नहीं.

क्या आप भूत-प्रेत की कहानियाँ छापते हैं? नहीं.

क्या आप शादीशुदा प्रोफ़ेसर की प्रेमकहानी पर ख़बर प्रसारित करते हैं? नहीं.

तो क्यों पढ़े कोई आपको?

बहुत अच्छा सवाल है.